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SAIL ने दूसरी तिमाही में जोरदार वापसी करते हुए दर्ज किया मुनाफ़ा

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Sail कारोबार में भी 20% की बढ़ोत्तरी दर्ज करने में सफल रही है

नई दिल्ली:

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में जोरदार वापसी करते हुए, 610.32 करोड़ रुपये का टैक्स अदा करने से पहले का मुनाफ़ा (पीबीटी) और 393.32 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाने के बाद का मुनाफ़ा (पीएटी) दर्ज किया है. कंपनी वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के दौरान क्रमश: 523.03 करोड़ रुपये (पीबीटी) और 342.82 करोड़ रुपये (पीएटी) के नुकसान में रही थी. कंपनी ने इस वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों के दौरान कोविड-19 की महामारी से उपजे नकारात्मक प्रभावों का सामना करते हुए वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में मुनाफ़ा दर्ज किया, जो दिखाता है कि कंपनी ने किस तरह से तेजी से रफ़्तार पकड़ रही अर्थव्यवस्था और घरेलू बाज़ार में कंपनी ने जोरदार वापसी करने के साथ जोरदार प्रदर्शन भी किया है. यही नहीं कंपनी ने अपने प्रदर्शन और गतिविधियों को और गति देते हुए, वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में कारोबार में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुक़ाबले 20% की बढ़ोत्तरी दर्ज की है, जो 16,834.1 करोड़ रुपये है. इसी के साथ, कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में, पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुक़ाबले 58.7% की जोरदार बढ़ोत्तरी के साथ 2098.09 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया है.

कंपनी कोविड की शुरुआत से ही हर कठिन परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार रही है, असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है और जून, 2020 से लगातार विक्रय में वृद्दि को बनाए रखा है. वित्त वर्ष 2020-21 के कोविड महामारी से प्रभावित पहले दो महीनों के बाद से हर महीने के दौरान लगातार बेहतर निष्पादन के चलते इतना जोरदार सकल प्रदर्शन हासिल किया जा सका. सेल ने वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के दौरान पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुक़ाबले 31.3% की जोरदार वृद्धि दर्ज की है. कंपनी ने पहली छमाही (अप्रैल – सितंबर, 2020) के दौरान पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि (अप्रैल – सितंबर, 2019) के मुक़ाबले विक्रय में कुल मिलाकर 3.4% की बढ़ोत्तरी हासिल की है. कंपनी ने पहली छमाही (अप्रैल – सितंबर, 2020) के दौरान घरेलू और निर्यात दोनों मिलाकर 79.12 लाख का विक्रय किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल – सितंबर, 2019) के दौरान 76.54 लाख टन रहा था.

कंपनी ने विक्रेय इस्पात के उत्पादन को बढ़ाने की रणनीति पर फोकस करते हुए, वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में 37.52 लाख टन का अब तक का सर्वाधिक विक्रेय इस्पात का उत्पादन किया है. इससे पहले अब तक का सर्वाधिक विक्रेय इस्पात का उत्पादन वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान दर्ज किया गया था, जो 36.58 लाख टन था. वित्त वर्ष 2020-21 की इस दूसरी तिमाही के दौरान पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुक़ाबले विक्रेय इस्पात का उत्पादन में 5% की वृद्धि हुई है. वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के दौरान पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुक़ाबले, ऑपरेशन दक्षता के मोर्चे पर कंपनी के बेहतर प्रदर्शन ने प्रमुख तकनीकी-आर्थिक मापदंडों को पहले से और अधिक बढ़िया करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें हैं – कोक रेट में (4%), ब्लास्ट फर्नेस उत्पादकता में (9%) और विशिष्ट ऊर्जा खपत में (1%) का सुधार शामिल है. सेल अध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी ने मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी के जोरदार प्रदर्शन पर कहा, “इस वित्त वर्ष की शुरुआत अभूतपूर्व चुनौतियों से भरी हुई थी, जिसने पूरे विश्व को अपने चपेट में ले लिया. यह समय आपसी तालमेल को बढ़ावा देने, अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग करने, बाधाओं पर विजय हासिल करने और अपने संकल्प को साबित करने का था, जिसे सेल कर दिखाया और सभी बाधाओं को पार करते हुए, कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में न केवल मुनाफ़ा दर्ज किया बल्कि ऑपरेशन दक्षता के मोर्चे पर भी बेहतर प्रदर्शन किया. कंपनी भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत के इरादे को मजबूती प्रदान करने के लिए, विश्वस्तरीय घरेलू इस्पात उत्पादक बने रहने की दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठा रही है.

 



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